वाराणसी, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भारतीय वायुसेना का विशेष हवाई प्रदर्शन ‘विंग्स ओवर गंगा’ इन दिनों आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। गंगा नदी और काशी के ऐतिहासिक घाटों के ऊपर लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों और एरोबैटिक टीमों के प्रदर्शन ने लोगों का ध्यान खींचा है। यह आयोजन भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर किया जा रहा है।
24 अक्टूबर 2026 को एयर शो के दूसरे दिन नमो घाट और गंगा के आसपास बड़ी संख्या में दर्शक विमानों के करतब देखने के लिए जुटे। वहीं, 25 अक्टूबर को कार्यक्रम के अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का कार्यक्रम निर्धारित है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी कार्यक्रम में शामिल होने की योजना है।
24 अक्टूबर को वाराणसी में दिखा भारतीय वायुसेना का दम
वाराणसी में शनिवार, 24 अक्टूबर को आयोजित हवाई प्रदर्शन के दौरान भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने गंगा के ऊपर विभिन्न फॉर्मेशन और हवाई करतब दिखाए। विमानों की तेज आवाज और एक साथ उड़ान भरते लड़ाकू विमानों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
समाचार एजेंसी IANS और अन्य मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस प्रदर्शन में राफेल, सुखोई-30MKI, मिराज-2000, मिग-29, स्वदेशी तेजस और जगुआर जैसे लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया। सूर्य किरण एरोबैटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम भी इस आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं।
कौन-कौन से लड़ाकू विमान एयर शो का हिस्सा बने?
‘विंग्स ओवर गंगा’ में भारतीय वायुसेना की हवाई क्षमता और विमानों के संचालन कौशल को प्रदर्शित किया जा रहा है। प्रमुख लड़ाकू विमानों में शामिल हैं:
1. राफेल (Rafale)

Credit: Indian Air Force
राफेल फ्रांसीसी मूल का बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान है। यह हवा से हवा और हवा से जमीन पर हमले सहित कई तरह के सैन्य अभियानों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
2. सुखोई-30MKI (Su-30MKI)

सुखोई-30MKI भारतीय वायुसेना का दो इंजन वाला बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान है। इसकी गति, गतिशीलता और विभिन्न प्रकार के सैन्य अभियानों को अंजाम देने की क्षमता इसे भारतीय वायुसेना के प्रमुख विमानों में शामिल करती है।
3. मिराज-2000 (Mirage 2000)

मिराज-2000 फ्रांसीसी डिजाइन वाला लड़ाकू विमान है, जिसका इस्तेमाल भारतीय वायुसेना हवाई रक्षा और विभिन्न सामरिक अभियानों में करती है।
4. मिग-29 (MiG-29)

मिग-29 सोवियत डिजाइन का लड़ाकू विमान है, जिसे मुख्य रूप से हवाई मुकाबले और वायु रक्षा जैसे अभियानों के लिए विकसित किया गया था।
5. तेजस (Tejas)

तेजस भारत में विकसित हल्का लड़ाकू विमान है। यह स्वदेशी विमान निर्माण और रक्षा क्षेत्र में भारत की तकनीकी क्षमताओं का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
6. जगुआर (Jaguar)

जगुआर मुख्य रूप से जमीनी लक्ष्यों पर हमले और स्ट्राइक मिशनों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला लड़ाकू विमान है। यह भारतीय वायुसेना के परिचालन बेड़े का हिस्सा रहा है।
सूर्य किरण और सारंग टीमों ने भी बढ़ाया आकर्षण
इस एयर शो में केवल लड़ाकू विमान ही नहीं, बल्कि विशेष प्रदर्शन टीमें भी हिस्सा ले रही हैं।
सूर्य किरण एरोबैटिक टीम अपने विमानों की समन्वित उड़ान, सटीक फॉर्मेशन और हवाई करतबों के लिए जानी जाती है। वहीं, सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टरों के जरिए विभिन्न हवाई प्रदर्शन करती है।
इसके अलावा, आयोजन में प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर और परिवहन विमानों सहित अन्य सैन्य विमान भी प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं। आधिकारिक कार्यक्रम की जानकारी में भारतीय सेना और नौसेना के विमानों की भागीदारी का भी उल्लेख किया गया है।
25 अक्टूबर को वाराणसी आएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 अक्टूबर 2026 को वाराणसी दौरे का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय और प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की जानकारी के अनुसार, वह वाराणसी में एक नई परिधान विनिर्माण इकाई का उद्घाटन करने के बाद नमो घाट पर आयोजित एयर फोर्स डे एरियल डिस्प्ले-2026 में शामिल होंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री लगभग सुबह 11 बजे नई विनिर्माण इकाई का उद्घाटन करेंगे और दोपहर करीब 1 बजे नमो घाट पर हवाई प्रदर्शन देखेंगे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी समापन दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रमुख अतिथियों में हैं। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी भी निर्धारित कार्यक्रमों में शामिल बताई गई है।
हालांकि, निर्धारित कार्यक्रम और वास्तविक उपस्थिति में अंतर होता है। प्रधानमंत्री और अन्य अतिथियों के कार्यक्रम में वास्तव में शामिल होने की पुष्टि के लिए आयोजन के बाद की आधिकारिक जानकारी देखना जरूरी है।
भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ से जुड़ा है आयोजन
‘विंग्स ओवर गंगा’ भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित विशेष हवाई प्रदर्शन है। इसका उद्देश्य वायुसेना की परिचालन क्षमता, तकनीकी दक्षता, अनुशासन और विभिन्न विमानन इकाइयों के समन्वय को प्रदर्शित करना है।
गंगा नदी के ऊपर आयोजित इस कार्यक्रम में लड़ाकू विमानों के साथ हेलीकॉप्टरों और परिवहन विमानों की भागीदारी सैन्य विमानन की विभिन्न भूमिकाओं को सामने लाती है। यह आयोजन आम नागरिकों, युवाओं और विमानन में रुचि रखने वाले लोगों को वायुसेना की कार्यप्रणाली को करीब से देखने का अवसर भी देता है।
वाराणसी में एयर शो के लिए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था
प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे और एयर शो को देखते हुए वाराणसी में सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की गई है। नमो घाट और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए प्रशासन ने तैयारियां की हैं।
एयर शो देखने जाने वाले लोगों को प्रशासन की ओर से जारी यातायात संबंधी निर्देशों और सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान गंगा में नौका संचालन और कुछ मार्गों पर आवाजाही को लेकर भी निर्धारित समय के अनुसार प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
निष्कर्ष
वाराणसी का ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो भारतीय वायुसेना की क्षमताओं को प्रदर्शित करने वाला एक महत्वपूर्ण आयोजन है। 24 अक्टूबर को राफेल, सुखोई-30MKI, मिराज-2000, मिग-29, तेजस और जगुआर जैसे लड़ाकू विमानों के प्रदर्शन ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने का निर्धारित कार्यक्रम इस आयोजन को राजनीतिक और राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण बनाता है।
कार्यक्रम के अंतिम दिन की वास्तविक गतिविधियों और अतिथियों की उपस्थिति से जुड़ी जानकारी आधिकारिक पुष्टि मिलने के बाद अपडेट की जानी चाहिए।
स्रोत एवं संदर्भ
- प्रेस सूचना ब्यूरो PIB
